भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भ्रष्टाचार के मुददे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से अपना मौन तोड़ने और सरकार से काले धन के मुद्दे पर शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
जन चेतना यात्रा के अगले चरण के लिए रवाना होने से पहले आडवाणी आज यहां संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में दो साल से संसद में और संसद के बाहर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा हुई हो रही है, बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस बारे में चुप्पी क्यों साधे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है उनका इस पर क्या मत है, और उनकी क्या भूमिका है। देश जानना चाहता है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए। मैं चाहूंगा कि कांग्रेस अध्यक्ष अपना मौन त्यागे।
आडवाणी ने काले धन मुद्दे पर केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार ने अदालत में काले धन के मामले में जो सीलबंद लिफाफा पेश किया है उनमें शामिल नामों को क्यों छिपाना चाहती है ,सरकार को इन नामों को घोषणा करनी चाहिए।
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि आखिर जिन लोगों ने गलत ढंग से पैसा विदेशी बैंकों में जमा करवाया है, उनके नाम उजागर करने में सरकार क्यों संकोच कर रही है।
उन्होंने कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले काले धन के मुद्दे पर सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए ताकि देश को सरकार द्वारा इस ओर किये गये प्रयास की और काले धन के बारे में सही जानकारी मिल सके।
पूर्व उप प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने काले धन को वापस लाने के लिए क्या प्रयास किए हैं, उसके बारे में जनता और संसद को बताना चाहिए। इस मामले में जो नाम सामने आए हैं उनमें भारत के भी कुछ नाम शामिल हैं सरकार को इन नामों को सार्वजनिक करना चाहिए।
जन चेतना यात्रा के अगले चरण के लिए रवाना होने से पहले आडवाणी आज यहां संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में दो साल से संसद में और संसद के बाहर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा हुई हो रही है, बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस बारे में चुप्पी क्यों साधे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है उनका इस पर क्या मत है, और उनकी क्या भूमिका है। देश जानना चाहता है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए। मैं चाहूंगा कि कांग्रेस अध्यक्ष अपना मौन त्यागे।
आडवाणी ने काले धन मुद्दे पर केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार ने अदालत में काले धन के मामले में जो सीलबंद लिफाफा पेश किया है उनमें शामिल नामों को क्यों छिपाना चाहती है ,सरकार को इन नामों को घोषणा करनी चाहिए।
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि आखिर जिन लोगों ने गलत ढंग से पैसा विदेशी बैंकों में जमा करवाया है, उनके नाम उजागर करने में सरकार क्यों संकोच कर रही है।
उन्होंने कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले काले धन के मुद्दे पर सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए ताकि देश को सरकार द्वारा इस ओर किये गये प्रयास की और काले धन के बारे में सही जानकारी मिल सके।
पूर्व उप प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने काले धन को वापस लाने के लिए क्या प्रयास किए हैं, उसके बारे में जनता और संसद को बताना चाहिए। इस मामले में जो नाम सामने आए हैं उनमें भारत के भी कुछ नाम शामिल हैं सरकार को इन नामों को सार्वजनिक करना चाहिए।






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