रुपए के अब तक अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के बीच वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से इस गिरावट पर अंकुश नहीं लगेगा।
वित्त मंत्री ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी तथा वैश्विक कारण रुपए में गिरावट के पीछे हैं और रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से इस मामले में किसी तरह की मदद मिलने वाली नहीं है।
मुखर्जी ने कहा कि भारतीय मुद्रा के मूल्य में इसलिए गिरावट आ रही है क्योंकि एफआईआई घरेलू शेयर बाजार से निकासी कर रहे हैं और वैश्विक अनिश्चितता की वजह से यह उतार-चढ़ाव और बढ़ रहा है। रुपए में पिछले कुछ समय से लगातार कमजोरी का रुख बना हुआ है। अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया आज शुरुआती कारोबार में गिरकर अपने सबसे निचले स्तर 52.73 प्रति डालर पर आ गया।
अन्य मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती से भी रुपए की धारणा प्रभावित हुई।
वित्त मंत्री ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी तथा वैश्विक कारण रुपए में गिरावट के पीछे हैं और रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से इस मामले में किसी तरह की मदद मिलने वाली नहीं है।
मुखर्जी ने कहा कि भारतीय मुद्रा के मूल्य में इसलिए गिरावट आ रही है क्योंकि एफआईआई घरेलू शेयर बाजार से निकासी कर रहे हैं और वैश्विक अनिश्चितता की वजह से यह उतार-चढ़ाव और बढ़ रहा है। रुपए में पिछले कुछ समय से लगातार कमजोरी का रुख बना हुआ है। अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया आज शुरुआती कारोबार में गिरकर अपने सबसे निचले स्तर 52.73 प्रति डालर पर आ गया।
अन्य मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती से भी रुपए की धारणा प्रभावित हुई।






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