पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद सैन्य विद्रोह की आशंका से काफी डरे हुए महसूस कर रहे थे और अमेरिका के अनुकूल ‘एक नया सुरक्षा दल’ बनाने के लिए तैयार थे।
उन्होंने अमेरिका से वादा किया था कि वह पाक स्थित 26/11 के मुंबई हमले के दोषियों को भारत को सौंपने के लिए तैयार है जिसमें उसके खुफिया एजेंसी के लोग भी शामिल हैं। जरदारी के ये वादे अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टॉफ के चेयरमैन माइक मुलेन को दिए गए गुप्त ज्ञापन का हिस्सा हैं।
जरदारी की तरफ से भेजा गया यह गुप्त ज्ञापन दो मई को ऐबटाबाद में एक सुरक्षित पनाहगाह में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद पाकिस्तानी अमेरिकी व्यवसायी मंसूर एजाज द्वारा मुलेन को इस साल मई महीने में सौंपा गया था।
इस गुप्त ज्ञापन को सबसे पहले एजाज ने ही लीक किया और पिछले महीने फाइनेंसिअल टाइम्स में एक लेख लिखा था। ज्ञापन के मुताबिक असैनिक सरकार का नेतृत्व कर रहे जरदारी एक नया सुरक्षा ढांचा बनाना चाहते थे।






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