Saturday, 23 July 2011

MP PMT ME NAKAL AB ISARO ME HOGI

पीएमटी में पैसे लेकर पास कराने वाले गिरोह ने अपनाई नई तरकीब। डीबी स्टार की 4 दिन चली इन्वेस्टीगेशन में हुआ खुलासा। आधा दर्जन से अधिक टॉपर्स को किया गया है 4-4 लाख रुपए में अनुबंधित। व्यापमं ने भी माना कि परीक्षा में शामिल हो रहे हैं पिछले कुछ साल के टॉपर्स।
25 हजार के करीब छात्र देंगे पीएमटी 71परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं प्रदेश के २१ जिलों में 04 लाख रुपए के करीब दिए जा रहे हैं हायर किए गए टॉपर्स को 15 से २५ लाख रुपए में तय हो रहा है सौदा
जुलाई को प्रदेश के प्रमुख शहरों में होने वाली पीएमटी (प्री-मेडिकल टेस्ट) में पैसे लेकर पास कराने वाले गिरोह ने अब नया तरीका अपनाया है। इसके तहत पिछले दो-तीन साल के आधा दर्जन से ज्यादा पीएमटी टॉपर्स को हायर किया गया है, जो परीक्षा हॉल में सांकेतिक भाषा में पैसे देकर पास होने वाले छात्रों को नकल करवाएंगे। इसके पहले यह गिरोह मेधावी छात्रों की फोटो की अदला-बदली करके पीएमटी में पास करवाता था, लेकिन जब व्यापमं ने फोटो मिलान करने की व्यवस्था अपनाई, तब से उनकी ये तरकीब फेल हो गई। इसके बाद यह नई रणनीति बनाई गई है। इसका खुलासा करने के लिए डीबी स्टार ने ४ दिन तक इन्वेस्टीगेशन किया, जिसमें नकल के इस नए तरीके का खुलासा हुआ है। व्यापमं के एक अधिकारी ने भी नाम न बताने के अनुरोध पर बताया कि ऐसे करीब आधा दर्जन छात्रों ने दोबारा पीएमटी का फार्म भरा है, जो पिछले दो-तीन साल के टॉपर रहे हैं।
जानबूझकर पीएमटी में फेल होंगे टॉपर्स
इस गिरोह की सक्रियता काफी अंदर तक है। इसी के दम पर इसने पैसे देकर पास होने वाले छात्रों और हायर किए गए टॉपर्स की बैठक व्यवस्था एक ही परीक्षा हॉल में करवाई है। साथ ही वहां तैनात अधिकारी की जानकारी भी पहले ही इनके पास है। इसी आधार पर पूरी सांठगांठ की गई है। पड़ताल में यह भी सामने आया कि जो टॉपर्स परीक्षा देने वाले हैं वे जानबूझकर फेल होंगे ताकि बाद में किसी को शक भी न हो।

१७ जुलाई को डीबी स्टार में प्रकाशित ‘एमबीबीएस के लिए जालसाजी’ खबर के बाद बुधवार दोपहर २ बजे एक अभिभावक ने रिपोर्टर को इस गिरोह की बदली रणनीति के बारे में बताया। इस पर रिपोर्टर ने पड़ताल शुरू की और पिछले तीन साल के पीएमटी टॉपर्स की लिस्ट निकालने के बाद उनकी जानकारी जुटाना शुरू कर दी।

रिपोर्टर ने यह बात व्यापमं के कुछ अधिकारियों को बताई। तब उन्होंने तत्काल इस पर तफ्तीश शुरू की। इस दौरान यह सामने आया कि कुछ पुराने टॉपर्स ने इस बार भी होने वाली पीएमटी में हिस्सा लिया है। और वे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस भी कर रहे हैं। ऐसे में ये साफ हो चुका था कि पड़ताल सही दिशा में जारी है।

इसके बाद रिपोर्टर के पास दोपहर ३ बजे कुछ नए नाम, गाड़ी नंबर और फोन नंबर आए, जिनमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर के अलावा दिल्ली के नंबर भी शामिल हैं। इनकी जानकारी रिपोर्टर ने तुरंत व्यापमं के अफसरों को दी और उन्होंने ये जानकारी स्टेट इंटेलिजेंस को सौंप दी ताकि समय रहते इनकी धरपकड़ हो सके।

१५ से २५ लाख रुपए तक की सौदेबाजी
इन्वेस्टीगेशन में यह भी निकला कि यह गिरोह पीएमटी में पास कराने के लिए १५ से २५ लाख रुपए प्रति छात्र ले रहा है। इसमें ६क् हजार से डेढ़ लाख रुपए तक एडवांस मांगे जा रहे हैं। इसके बाद आधी राशि परीक्षा देने के बाद चुकानी होगी और बाकी पास होने के बाद देनी होगी। इसमें से करीब ३ से ४ लाख रुपए पीएमटी टॉपर छात्रों को दिए जा रहे हैं, जो हायर किए गए हैं। करीब इतने ही पैसे परीक्षा हॉल में ड्यूटी करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों को दिए जाएंगे।

परीक्षा से पहले दी ट्रेनिंग
सौदेबाजी होने के बाद गिरोह के सदस्य छात्रों को किसी गुप्त स्थान पर ले गए, जहां पहले से टॉपर छात्र थे। ये काम परीक्षा के एक हफ्ते पहले ही कर लिया गया है। यहां दोनों (टॉपर और नए छात्र) को परीक्षा हॉल की बैठक व्यवस्था के हिसाब से सारी ट्रेनिंग दी गई है। इसमें दोनों को कोडवर्ड और सांकेतिक भाषा भी सिखाई गई है, जिससे छात्रों को बिना बोले ही प्रश्नों के उत्तर बताए जा सकंे। इसके अलावा व्यापमं के जिन लोगों से इनकी सांठगांठ है वे दोनांे छात्रों को एक ही सेट का पेपर दिलवाने का काम करंेगे और कोशिश करेंगे कि बैठक भी व्यवस्था आसपास हो, ताकि आसानी से नकल हो सके।

कोई गड़बड़ी नहीं होने दंेगे पीएमटी की परीक्षा में किसी भी बच्चे का हक मारने नहीं दिया जाएगा। परीक्षा पूरी पारदर्शिता से होगी और इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जो लोग इसमें गड़बड़ियां करने का प्रयास कर रहे हैं, उनके खिलाफ शासन सख्ती से पेश आएगा। मैं अभी संबंधित अधिकारियों को इस बारे में निर्देशित कर देता हूं।
महेंद्र हार्डिया, राज्य मंत्री, चिकित्सा शिक्षा

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